सोमवार, 1 दिसंबर 2008

जीवन में कई बार कुछ ऐसा भी हो जाता है
जब किसी को किसी से प्यार हो जाता है
माँ का प्यार बाप का दुलार
तक भी याद नहीं रहता
याद रहता है तो बस महबूबा का प्यार
जीहाँ प्यार इसे ही तो कहते हैं